हर महीने महतारी वंदन योजना की किस्त आने के बाद सबसे आम सवाल यही होता है कि “मेरा पैसा आया या नहीं?” इसे जांचने के चार आसान तरीके हैं। इस गाइड में चारों तरीके और किस्त न आने पर उठाए जाने वाले कदम बताए गए हैं।
ताज़ा जानकारी: योजना की 33वीं किस्त 4 नवंबर 2026 को जारी हुई थी। करीब 67.40 लाख महिलाओं के खाते में ₹1,000 भेजे गए।
तरीका 1: योजना के पोर्टल पर स्टेटस देखें
- मोबाइल या कंप्यूटर पर mahtarivandan.cgstate.gov.in खोलें। ध्यान दें कि वेबसाइट का पता
.cgstate.gov.inपर खत्म होता है। मिलते-जुलते नाम वाली निजी वेबसाइटों पर जानकारी न डालें। - होमपेज पर आवेदन और भुगतान की स्थिति देखने वाला विकल्प चुनें।
- अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर या आवेदन क्रमांक डालें।
- स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड भरें और खोजें।
- आपके आवेदन की स्थिति और जारी हुई किस्तों का विवरण दिखेगा।
अगर पोर्टल धीमा चले, खासकर किस्त वाले दिन, तो कुछ घंटे बाद दोबारा कोशिश करें। उस दिन लाखों महिलाएं एक साथ स्टेटस देखती हैं।
तरीका 2: बैंक SMS और पासबुक
पैसा खाते में आते ही बैंक उस मोबाइल नंबर पर SMS भेजता है जो खाते से जुड़ा है। SMS में अक्सर “DBT” या सरकारी विभाग का नाम लिखा होता है।
SMS न आए तो:
- बैंक शाखा या बैंक मित्र के पास जाकर पासबुक में एंट्री कराएं।
- बैंक का मोबाइल ऐप या मिस्ड कॉल बैलेंस सेवा इस्तेमाल करें।
- ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) पर आधार और अंगूठे से बैलेंस पूछें।
तरीका 3: पता करें कि पैसा किस खाते में जाता है
DBT का पैसा उसी बैंक खाते में जाता है जो NPCI में आपके आधार से मैप है। अगर आपके दो खाते हैं, तो हो सकता है पैसा दूसरे खाते में जा रहा हो।
यह जानने के लिए:
- myaadhaar.uidai.gov.in खोलें और आधार नंबर व OTP से लॉगिन करें।
- “Bank Seeding Status” विकल्प चुनें।
- स्क्रीन पर उस बैंक का नाम दिखेगा जिससे आपका आधार DBT के लिए जुड़ा है, और यह भी कि सीडिंग सक्रिय है या नहीं।
अगर यहां कोई बैंक नहीं दिख रहा, तो जिस खाते में पैसा चाहिए उस बैंक में आधार सीडिंग का फॉर्म भरें और DBT के लिए सहमति दें।
तरीका 4: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से पूछें
आपका आवेदन आंगनबाड़ी केंद्र के ज़रिए पोर्टल पर दर्ज हुआ था। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने लॉगिन से देख सकती हैं कि आपके नाम पर भुगतान गया या किसी कारण से रुका है, जैसे ई-केवाईसी बाकी होना।
किस्त नहीं आई? ये कदम उठाएं
कदम 1: दो-तीन दिन रुकें। DBT की रकम सभी बैंकों में एक साथ नहीं पहुंचती।
कदम 2: ई-केवाईसी जांचें। 2026 में ई-केवाईसी अनिवार्य हुई थी। अगर आपने नहीं कराई, तो यही सबसे संभावित कारण है। पूरी प्रक्रिया हमारी ई-केवाईसी गाइड में है।
कदम 3: बैंक में DBT स्थिति पूछें। खाता चालू है, KYC पूरी है और NPCI मैपिंग सक्रिय है या नहीं, यह बैंक से पता करें।
कदम 4: लिखित शिकायत दें। इसके बाद भी समस्या रहे तो अपने विकासखंड के महिला एवं बाल विकास परियोजना कार्यालय में लिखित आवेदन दें। उसमें यह जानकारी लिखें:
- आपका पूरा नाम और पति का नाम
- गांव/वार्ड, विकासखंड और ज़िला
- आवेदन क्रमांक, अगर है
- आधार के आखिरी चार अंक
- बैंक का नाम
- किस महीने या किस किस्त का पैसा नहीं आया
आवेदन की एक कॉपी पर पावती ज़रूर लें।
स्टेटस में दिखने वाले आम संदेशों का मतलब
| स्थिति | मतलब | क्या करें |
|---|---|---|
| स्वीकृत / Approved | आवेदन मंज़ूर है | किस्त का इंतज़ार करें |
| भुगतान सफल | पैसा बैंक को भेजा गया | पासबुक या SMS से पुष्टि करें |
| भुगतान असफल | बैंक ने रकम लौटा दी | खाता, आधार सीडिंग और KYC जांचें |
| अस्वीकृत / Rejected | सत्यापन में अपात्र पाई गईं | परियोजना कार्यालय से कारण पूछें |
पोर्टल पर इन संदेशों के शब्द थोड़े अलग हो सकते हैं, लेकिन मतलब यही रहता है।
योजना की पूरी जानकारी, पात्रता और नए पंजीयन की स्थिति के लिए महतारी वंदन योजना हब देखें।