छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त 4 नवंबर 2026 को जारी कर दी गई। रायपुर में हुए राज्य स्तरीय कार्यक्रम में एक क्लिक से करीब 67 लाख 40 हज़ार महिलाओं के बैंक खातों में कुल ₹632.63 करोड़ DBT के ज़रिए भेजे गए। हर पात्र महिला को ₹1,000 मिले हैं।

अगर आपके खाते में अभी तक पैसा नहीं आया है, तो घबराएं नहीं। DBT की रकम सभी खातों में एक साथ नहीं पहुंचती। कई बार बैंक में जमा होने में 2 से 3 दिन लग जाते हैं। नीचे बताया गया है कि पैसा कैसे चेक करें और न आने पर क्या करें।

33वीं किस्त एक नज़र में

विवरणजानकारी
किस्त संख्या33वीं
जारी होने की तारीख4 नवंबर 2026
राशि प्रति महिला₹1,000
कुल राशि₹632.63 करोड़
लाभार्थीलगभग 67.40 लाख महिलाएं
भुगतान का तरीकाDBT, आधार से जुड़ा बैंक खाता

पिछले कुछ महीनों में किस्तें कब आईं

योजना 1 मार्च 2024 से लागू है। पिछले कुछ महीनों का क्रम इस तरह रहा:

विज्ञापन
  • 29वीं किस्त: 11 जुलाई 2026, ₹626.25 करोड़, 66 लाख से अधिक महिलाएं
  • 30वीं किस्त: अगस्त 2026 के पहले सप्ताह में, 67,20,125 महिलाएं
  • 31वीं किस्त (सितंबर की): 25 अगस्त 2026, रक्षाबंधन से पहले
  • 32वीं किस्त: 8 अक्टूबर 2026
  • 33वीं किस्त: 4 नवंबर 2026

इससे दो बातें साफ होती हैं। पहली, किस्त हर महीने आ रही है। दूसरी, इसकी कोई तय तारीख नहीं है। कभी महीने की शुरुआत में पैसा आया है, तो कभी बीच में।

34वीं किस्त कब आएगी?

हर महीने एक किस्त के क्रम को देखें तो 34वीं किस्त दिसंबर 2026 में आने की संभावना है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने अभी इसकी तारीख घोषित नहीं की है। तारीख घोषित होते ही हम इस पेज को अपडेट करेंगे।

सोशल मीडिया पर कई बार “किस्त आ गई” जैसे संदेश आधिकारिक घोषणा से पहले ही फैल जाते हैं। ऐसे संदेशों पर भरोसा करने से पहले सरकार की घोषणा या बैंक SMS से पुष्टि कर लें।

पैसा आया या नहीं, ऐसे चेक करें

तरीका 1: बैंक SMS और पासबुक

सबसे आसान तरीका बैंक का SMS है। पैसा आते ही आधार से जुड़े खाते के मोबाइल नंबर पर संदेश आता है। SMS न आए तो पासबुक में एंट्री कराएं या बैंक के ऐप या मिस्ड कॉल बैलेंस सेवा से बैलेंस देखें।

तरीका 2: योजना का पोर्टल

  1. mahtarivandan.cgstate.gov.in खोलें।
  2. आवेदन और भुगतान की स्थिति वाला विकल्प चुनें।
  3. पंजीकृत मोबाइल नंबर या आवेदन क्रमांक डालें, कैप्चा भरें और खोजें।
  4. स्क्रीन पर किस्तों का विवरण दिखेगा।

पोर्टल पर किसी किस्त का भुगतान दिखे लेकिन खाते में पैसा न हो, तो बैंक से उस तारीख की DBT एंट्री के बारे में पूछें।

33वीं किस्त न आने के 5 आम कारण

  1. ई-केवाईसी अधूरी है। 2026 में ई-केवाईसी अनिवार्य की गई थी। मुख्य चरण 30 जून 2026 तक चला और छूटी महिलाओं को 31 अगस्त 2026 तक परियोजना कार्यालय से मौका मिला। अगर आपकी ई-केवाईसी नहीं हुई है, तो तुरंत आंगनबाड़ी केंद्र या परियोजना कार्यालय से संपर्क करें।
  2. खाते में आधार सीडिंग या DBT बंद है। बैंक जाकर NPCI मैपिंग की स्थिति पूछें। यह मुफ्त होता है।
  3. खाता बंद या फ्रीज़ है। लंबे समय तक लेन-देन न होने या बैंक की KYC अधूरी होने पर खाता रुक जाता है।
  4. सत्यापन में अपात्र पाई गईं। परिवार में आयकरदाता, सरकारी कर्मचारी या चार पहिया वाहन होने पर नाम हट सकता है।
  5. आवेदन में गलत जानकारी। नाम, आधार या खाता नंबर गलत होने पर भुगतान फेल हो जाता है।

शिकायत कहां करें

सबसे पहले अपनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से बात करें, क्योंकि आवेदन उन्हीं के माध्यम से पोर्टल पर दर्ज होता है। वहां से समाधान न हो तो अपने विकासखंड के महिला एवं बाल विकास परियोजना कार्यालय में लिखित आवेदन दें। आवेदन में अपना नाम, आधार के आखिरी चार अंक, बैंक का नाम और किस महीने की किस्त नहीं आई, यह साफ लिखें।

योजना से जुड़ी पात्रता, नए पंजीयन की स्थिति और सूची की पूरी जानकारी के लिए हमारा महतारी वंदन योजना हब देखें।