महतारी वंदन योजना में अब ई-केवाईसी ज़रूरी है। 2026 में छत्तीसगढ़ सरकार ने सभी हितग्राहियों का आधार से दोबारा सत्यापन शुरू किया, ताकि हर महीने के ₹1,000 सिर्फ पात्र महिलाओं के खाते में जाएं। जिन महिलाओं की ई-केवाईसी नहीं हुई, उनकी किस्त रुक सकती है। इस गाइड में पूरी प्रक्रिया आसान भाषा में दी गई है।
ई-केवाईसी क्या है और क्यों ज़रूरी है
ई-केवाईसी का मतलब है आधार के ज़रिए इलेक्ट्रॉनिक पहचान सत्यापन। इसमें आपका आधार नंबर अंगूठे के निशान (बायोमेट्रिक) या आधार से जुड़े मोबाइल पर आए OTP से जांचा जाता है।
सरकार के अनुसार इसके तीन फायदे हैं:
- पैसा सही महिला के खाते में जाता है और किसी और के नाम पर भुगतान नहीं होता।
- मृत या अपात्र लोगों के नाम सूची से हटते हैं।
- योजना में पारदर्शिता बढ़ती है।
आखिरी तारीख क्या थी
| चरण | अवधि | कहां |
|---|---|---|
| मुख्य चरण | 30 जून 2026 तक | आंगनबाड़ी, लोक सेवा केंद्र, CSC, शिविर |
| छूटी महिलाओं के लिए | 1 जुलाई से 31 अगस्त 2026 | परियोजना कार्यालय |
अगर आपकी ई-केवाईसी इन दोनों चरणों में नहीं हो पाई, तो देर न करें। अपने विकासखंड के महिला एवं बाल विकास परियोजना कार्यालय जाएं और पूछें कि अब ई-केवाईसी कैसे होगी। अंतिम तिथि बढ़ने या नए चरण की सूचना आने पर हम यह पेज अपडेट करेंगे।
ई-केवाईसी के लिए क्या साथ ले जाएं
- आधार कार्ड (मूल)
- आधार से जुड़ा मोबाइल फोन, अगर OTP से सत्यापन होना है
- बैंक पासबुक, जिसमें योजना की किस्त आती है
- योजना का आवेदन क्रमांक या पावती, अगर आपके पास है
बायोमेट्रिक सत्यापन में अंगूठे का निशान लिया जाता है, इसलिए महिला को खुद केंद्र पर जाना होगा। किसी और के अंगूठे या OTP से ई-केवाईसी नहीं हो सकती।
ई-केवाईसी की प्रक्रिया, चरण दर चरण
- नज़दीकी आंगनबाड़ी केंद्र, लोक सेवा केंद्र, CSC या विभाग के शिविर में जाएं।
- वहां बताएं कि आपको महतारी वंदन योजना की ई-केवाईसी करानी है और अपना आधार कार्ड दें।
- ऑपरेटर आपका नाम योजना के रिकॉर्ड में खोजेगा।
- बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाएं, या आधार से जुड़े मोबाइल पर आया OTP बताएं।
- सत्यापन सफल होने पर स्क्रीन पर पुष्टि दिखेगी। इसकी पावती या स्क्रीनशॉट ज़रूर लें।
ई-केवाईसी फेल होने के आम कारण और उपाय
अंगूठे का निशान मैच नहीं होता। उम्र बढ़ने या खेती-मज़दूरी के काम से उंगलियों की रेखाएं घिस जाती हैं। दूसरी उंगली से कोशिश करें। फिर भी न हो तो नज़दीकी आधार केंद्र पर बायोमेट्रिक अपडेट कराएं, फिर दोबारा ई-केवाईसी कराएं।
आधार में मोबाइल नंबर नहीं जुड़ा। OTP के लिए आधार से मोबाइल जुड़ा होना चाहिए। आधार सेवा केंद्र पर मोबाइल नंबर जुड़वाएं।
नाम की स्पेलिंग अलग है। आधार और योजना के रिकॉर्ड में नाम में बड़ा अंतर हो तो सत्यापन अटक सकता है। ऐसे में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के ज़रिए परियोजना कार्यालय में सुधार का आवेदन दें।
बैंक खाते में आधार सीडिंग नहीं है। ई-केवाईसी हो जाने पर भी अगर खाते में DBT चालू नहीं है, तो पैसा नहीं आएगा। बैंक में NPCI मैपिंग की स्थिति ज़रूर जांचें।
ई-केवाईसी स्टेटस कैसे पता करें
ई-केवाईसी हुई या नहीं, यह जानने का सबसे भरोसेमंद तरीका वही केंद्र है जहां आपने कराई थी। अपनी पावती दिखाकर पूछें। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी अपने केंद्र की सूची से बता सकती हैं कि किनकी ई-केवाईसी बाकी है।
अगर ई-केवाईसी के बाद अगली किस्त आ गई, तो समझें कि आपका सत्यापन ठीक है।
धोखाधड़ी से बचें
- ई-केवाईसी के लिए योजना की ओर से कोई शुल्क नहीं है।
- कोई फोन करके “ई-केवाईसी अपडेट” के नाम पर OTP मांगे तो कभी न बताएं।
- व्हाट्सऐप पर आए किसी अनजान लिंक या ऐप में आधार नंबर न डालें।
योजना की पात्रता, किस्तों और नए पंजीयन की पूरी जानकारी के लिए महतारी वंदन योजना हब देखें।